जिस समय कर्ण का जन्म हुआ, उस समय राजकुमारी कुंती अविवाहित थी और बिना विवाह के पुत्र होने के कारण वे राज्य में अपनी, अपने पिता की, अपने सम्पूर्ण परिवार और राज्य की प्रतिष्ठा और सम्मान के प्रति चिंतित हो गयी और भगवान सूर्य से इस प्रकार उत्पन्न हुए पुत्र को वापस लेने की प्रार्थना करने लगी. उस समय बहुत बारिश हो रही होती है, युधिस्थर अपने आस पास सब जगह बहुत ढूढ़ता है लेकिन उसे कोई भी सुखी लकड़ी नहीं मिलती जिसके बाद वो उन दोनों से माफ़ी मांगकर उन्हें खाली हाथ विदा करता है.इसके बाद वे कर्ण के पास जाते है, और वही चीज मांगते है. लेकिन दोनों में कर्ण ज्यादा बलवान था, ये बात कृष्ण भी जानते थे वे कर्ण को अर्जुन से बेहतर योध्या मानते थे. कर्ण अर्जुन के हाथों मारा गया, इस बात का जब पता कुंती को चला तब वे रोते रोते युद्ध स्थल पर चली आई थी. Krishna Lila in Marathi Chapter 05. It is mainly known for Bhagavad Gita, a gist of timeless principles told in the Indian philosophy. कर्ण धनुर विद्या का ज्ञान पाना चाहते थे जिसके लिए वे द्रोणाचार्य के पास गए लेकिन गुरु द्रोणाचार्य सिर्फ क्षत्रीय राजकुमारों को इसकी शिक्षा देते थे उन्होंने कर्ण को सूद्र पुत्र कहके बेइज्जत करके मना कर दिया, जिसके बाद कर्ण ने निश्चय किया कि वो इनसे भी अधिक ज्ञानी बनेगा जिसके लिए वो उनके ही गुरु शिव भक्त परशुरामजी के पास गए. The author has tried to immortalise Karna through this novel. इनकी दोस्ती होने के बाद दोनों अधिकतर समय साथ में ही गुजारते थे. Mahabharat update, May 12: Kunti reveals to Yudhishtir and Arjun that Karna was their elder brother; Divyanka Tripathi holds back her tears as she talks about her ex-Sharad Malhotra in … कर्ण अर्जुन भाई होते हुए भी बहुत बड़े दुश्मन थे. परन्तु वे अपने पुत्र प्रेम के कारण उसकी सुरक्षा हेतु चिंतित थी. यहाँ सभी धनुर्वि अपने गुण दिखाते है, इन सब में अर्जुन श्रेष्ट रहता है, लेकिन कर्ण उसे सामने से ललकारता था तब वे उसका नाम जाती पूछते है क्यूंकि राजकुमार सिर्फ क्षत्रीय से ही लड़ते थे. I just finished reading Mrutunjay by Shivaji Sawant which is Mahabharat through the eyes of Karna. अर्जुन अपने बेटे अभिमन्यु की मौत का बदला कर्ण से लेते है. Karna offers a lotus at Kunti's feet. This novel is all about Karna’s life. पुराणों के अनुसार महर्षि दुर्वासा के पास भविष्य देखने की शक्ति थी और वे जान गये थे कि राजकुमारी कुंती का विवाह कुरु कुल के महाराज पांडू से होगा और एक ऋषि से मिले श्राप के कारण वे कभी पिता नहीं बन पाएँगे. Imagine watching Mahabharata through Karna’s eyes. यह व्यक्ति हस्तिनापुर के महाराज धृतराष्ट्र का सारथी [ रथ – चालक / Charioteer ] था. Her father refused to let her marry the king unless the king promised that Satyavati's son and descendants would inherit the throne. इस स्थिति में राजकुमारी कुंती ने लोक – लाज के कारण पुत्र का त्याग करने का निर्णय लिया. परशुराम ने उन्हें बहुत गहन शिक्षा दी जिसके बाद वे कर्ण को अपने बराबर का ज्ञानी धनोदर बोलने लगे. महर्षि दुर्वासा ने लम्बा समय कुंती राज्य में व्यतीत किया और जितने समय तक वे वहाँ रहें, राजकुमारी कुंती उनकी सेवा में हमेशा प्रस्तुत रही. It was a story retold in a simple way. Does Soul Exist? Karna is a very important and popular character in the Hindu epic Mahabharata. जिन्होंने पालन पोषण किया – सारथी अधिरथ और उनकी पत्नी राधा. Viratparva-Hyachi Bakhar, the first Marathi novel based on the Mahabharata, was written by Chintamanshastri Thatte and published in 1862. Yes, everyone does have different interpretations of Mahabharata. सुदामा, वृशसेन, चित्रसेन, सत्यसेन, सुषेन, शत्रुंजय, द्विपाता, बाणसेन, प्रसेन और वृषकेतु. The history of the Marathi novel based on the Mahabharata can be divided into two phases, viz. हिन्दू धर्म ग्रंथों में अपने दानी स्वभाव के कारण 3 लोगों ने बहुत ख्याति प्राप्त की. जिस समय महर्षि दुर्वासा ने राजकुमारी कुंती को यह वरदान दिया था, उस समय उनकी आयु अधिक नहीं थी और इस कारण वे इतनी समझदार भी नहीं थी. आज हम आपको कर्ण के जीवन से जुडी रोचक बातें करीब से बतायेंगें. सूर्य … Leave a comment. Karnabharam or The Anguish of Karna (literally: The Burden of Karna) is a Sanskrit one-act play written by the Indian dramatist Bhasa, an Indian playwright complimented even by the famous Kalidasa in the beginning of his play Malavikagnimitram. Karna (Radhe-putra as he always called himself) had been the perfect friend, son \u0026 disciple.This is the story of the ultimate unsung hero of Indian history.► Like us on Facebook: https://www.facebook.com/UltraHindi► Follow us on Twitter: https://twitter.com/UltraHindi► Circle us on G+: https://plus.google.com/+UltraHindi► Follow us on Pinterest: http://www.pinterest.com/ultrahindi/► Website: http://www.ultraindia.com कर्ण भी सभी जगह सुखी चन्दन की लकड़ी तलाशता है लेकिन उसे भी नहीं मिलती. This story of Mahabharata is during end of Dwaper Yuga (bronze age). अपने राज्य में महर्षि दुर्वासा की आगमन का समाचार सुनकर राजकुमारी कुंती ने उनके स्वागत, सत्कार और सेवा का निश्चय किया और मन, वचन और कर्म से इस कार्य में जुट गयी. 6 years ago 800 1. One such small book containing a collection of such stories, entitled Easy Stories from the Mahabharata has been published by the India Book House Education Trust of Bombay. This post shares with you Mahabharat Karna Story and Family. पहले वे युधिस्थर के पास जाते है और जलाने के लिए सुखी चन्दन की लकड़ी मांगते है. कहते है कर्ण कृष्ण का ही रूप थे, कृष्ण ने उन्हें इसलिए बनाया था, ताकि दुनिया त्याग बलिदान की सही परिभाषा समझ सके. इससे पता चलता है कि कर्ण बहुत बड़े दानवीर थे. With Praphulla Pandey, Siraj Mustafa Khan, Nimai Bali, Shalini Kapoor. विभूति अग्रवाल मध्यप्रदेश के छोटे से शहर से है. 2. महाबली कर्ण ने वैसे तो अनेक दान किये , परन्तु उनके जीवन के दो महत्वपूर्ण दानों का वर्णन निम्नानुसार हैं -: इस प्रकार अपने परम दानी स्वाभाव के कारण उन्हें दानवीर कर्ण कहा जाता हैं. बहुत कम लोग कर्ण के बारे में बात करते है और कम लोग ही इनके जीवन के बारे में जानते है. जिसने भगवान इन्द्र को अपने अभेद्य कवच और कुंडल दान दे दिए. Mahabharata book in marathi full pdf Results 1 - 25 of Mahabharat Katha In Marathi Pdf is a fairly standard note-taking app Pdf Of Mahabharat In Marathi ebook Magazines Manual Database. She is not a subject of wasteful speculations and slanderous fantasies, but a subject which could inspire awe and perseverance in anybody who invests his time in understanding her life a bit attentively. Shantanu, the king of Hastinapur, was married to Ganga (personification of the Ganges) with whom he had a son called Devavrat. ये सब कृष्ण की चाल होती है. Mahabharata is not only a story, it is a source of philosophical and spiritual inspiration for many. उनकी सेवा भावना से महर्षि दुर्वासा बहुत प्रसन्न हुए और उन्होंने राजकुमारी कुंती को “ वरदान स्वरुप एक मंत्र दिया और कहा कि वे जिस भी देवता का नाम लेकर इस मंत्र का जाप करेंगी, उन्हें पुत्र की प्राप्ति होगी और उस पुत्र में उस देवता के ही गुण विद्यमान होंगे.” इसके बाद महर्षि दुर्वासा कुंती राज्य से प्रस्थान कर गये. लेकिन कर्ण ने कृष्ण की ये बात ठुकरा दी थी. अतः उन्होंने महर्षि दुर्वासा द्वारा प्राप्त वरदान का परिक्षण करना चाहा और उन्होंने भगवान सूर्य का नाम लेकर मंत्र का उच्चारण प्रारंभ किया और कुछ ही क्षणों में एक बालक राजकुमारी कुंती की गोद में प्रकट हो गया और जैसा कि ऋषिवर ने वरदान दिया था कि इस प्रकार जन्म लेने वाले पुत्र में उस देवता के गुण होंगे, यह बालक भी भगवान सूर्य के समान तेज लेकर उत्पन्न हुआ था. ]. We all know the story where Parashurama is resting his head on Karna’s lap and the wasp lands on Karna’s thigh and burrows a hole. कुंती राज्य की राजकुमारी का नाम था – कुंती. किसकी बारी है इस बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा होने लगा, तब कर्ण भानुमती से पांसा छीनने लगता है, इसी बीच भानुमती की माला टूट जाती है और मोती सब जगह फ़ैल जाते है और उसके कपड़े भी अव्यवस्थित हो जाते है. आप अपने विचार हमसे जरूर शेयर करें. जो धन के साथ जन्मा हो [ सोने के कवच और कुण्डलों के कारण. Draupadi (Sanskrit: द्रौपदी, romanized: draupadī, lit. दुर्योधन कर्ण से पूछता है कि किस बात पर तुम लोग लड़ रहे हो, जब उसे कारण पता चलता है तब वह बहुत हंसता है. तभी दुर्योधन वहां आ जाता है और दोनों को इस हाल में देखता है. अर्जुन ने कर्ण का वध उस समय किया, जब कर्ण के रथ का पहिया भूमि में धंस गया था और वे उसे निकाल रहे थे और उस समय निहत्थे थे. ये पोस्ट ग्रेजुएट है, जिनको डांस, कुकिंग, घुमने एवम लिखने का शौक है. Enjoy watching the videos. ... Life Story of Parikshit Maharaj (Marathi) by Vasudev Prabhu. इस प्रकार कर्ण के जीवन से हमें अदम्य साहस, वीरता, दानशीलता, कर्तव्य, वचन – बद्धतता और सदैव धर्म की राह पर चलने की सीख मिलती हैं. महाभारत रामायण कहानी | Mahabharat Ramayan in Hindi, क्यूँ दिया युधिष्ठिर ने माता कुंती को श्राप, झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना | Jharkhand Rajya Khadya Suraksha Yojana in hindi, झुग्गी झोपड़ी आवास योजना : ऑनलाइन आवेदन कर सरकार से पायें अपना पक्का घर, यह है छोटी सी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, गूगल ड्राइव क्या है, इसका उपयोग कैसे करते हैं | What is Google Drive in hindi, जानिए क्या है मलाणा क्रीम एवं मलाणा गांव के इतिहास के बारे में, हैदराबाद का नाम क्या वाकई पहले भाग्यनगर था जानिए इतिहास, नौकरी पाना चाहते हैं तो पहले बनायें अपना रिज्यूमे, ये हैं आसान तरीका, कोरोना वायरस वैक्सीन : जल्द ही पूरा देश होगा कोरोना वायरस से मुक्त, जानें इसकी ताजा खबरें, सोशल मीडिया अकाउंट को हैक होने से कैसे बचायें | How to Prevent Social Media Account Hacking in Hindi. Your email address will not be published. This book being offered to young readers in India and abroad contains the story of Karna, one of the great warriors of the Mahabharata. सूत का पुत्र होने के कारण अथवा सारथी / सूत जाति से सम्बंधित होने के कारण. दुर्योधन ये देख मौके का फायदा उठाता है उसे पता है कि अर्जुन के आगे कोई भी नहीं खड़ा हो सकता है तब वो कर्ण को आगे रहकर मौका देता है वो उसे अंग देश का राजा बना देता है जिससे वो अर्जुन के साथ युद्ध करने के योग्य हो जाता है. महाभारत में जितना मुख्य किरदार अर्जुन का था, उतना ही कर्ण का भी था. Maharathi Karna, a portrayal of the Mahabharata from the viewpoint of Karna, throws light on the life of this unsung hero adding a new perspective to this epic tale. आपको महाभारत के दानवीर कर्ण से जुड़ी रोचक बातें जान के कैसा लगा. Later, Kunti sees the Pandavas insult Karna. She tells them to treat Karna like their elder brother. He was killed by Arjuna When Karna was Nir-Astra (When karna was arm less) - Yudh dharma say’s one should stop fighting with who is Nir-Astra, still arjuna dint stop and attacked karna 02. कुंती उन्हें बताती है कि कर्ण उन सब का ज्येष्ठ भाई है, युधिष्ठिर ये बात सुन अपनी माँ पर गलत लांचन लगाने लगता है, उन्हें बहुत बुरा भला बोलता है, तब कृष्ण पांडव को सारी बात समझाते है. Share. He had a disastrous life story that ended in the Kurukshetra battle in a bad way. जब परशुराम उठे तब उन्होंने देखा कि कर्ण का पैर खून से लथपथ था, तब उन्होंने उसे बोला कि इतना दर्द एक ब्राह्मण कभी नहीं सह सकता तुम निश्चय ही एक क्षत्रीय हो. 6 years ago 1139 1. Karna in Mahabharat (Marathi) by Girivardhari Das 1595 2. जो सत्य बोलता हो, तपस्या में लीन, प्रतिज्ञा का पालन करने वाला और शत्रुओं पर भी दया करने वाला व्यक्ति. वे हैं -: राक्षसों के राजा बलि, राजा हरिश्चंद्र और कर्ण. कहानिया ये बात कर्ण को अंदर तक आहात करती है, और यही वजह बनती है कर्ण की अर्जुन के खिलाफ खड़े होने की. Draupadi tying rakhi to Lord Krishna Another story. एक बार दोनों शाम के समय चोपड़ का गेम खेल रहे थे, तभी दुर्योधन वहां से चले गए तब उनकी पत्नी भानुमती वहां से गुजरी और अपने पति की जगह वो खेलने बैठ गई. एक बार कुंती नामक राज्य में महर्षि दुर्वासा पधारे. अगर ये कहा जाये कि वे अर्जुन से भी बढकर योध्दा थे तो अतिशयोक्ति नहीं होगी क्योंकि इतनी शक्ति होते हुए भी अर्जुन को कर्ण का वध करते समय अनीति का प्रयोग करना पड़ा. इस प्रकार बहते – बहते यह हस्तिनापुर नगरी पहुँच गया और इस प्रकार अधिरथ नामक एक व्यक्ति को नदी में टोकरी में बहकर आता हुआ बालक दिखाई दिया और इस व्यक्ति ने इस बालक को अपने पुत्र के रूप में अपनाया. इसके बाद से दोनों पक्के दोस्त हो जाते है. इस कारण उन्होंने भगवान सूर्य से अपने पुत्र की रक्षा करने की प्रार्थना की, तब भगवान सूर्य ने अपने पुत्र की सुरक्षा के लिए उसके शरीर पर, जिन्होंने जन्म दिया – राजकुमारी कुंती और भगवान सूर्य, भगवन श्री हरि विष्णु के अवतार भगवान परशुराम. इस स्थिति में राजकुमारी कुंती ने लोक – लाज के कारण पुत्र का त्याग करने का निर्णय लिया. Nicely presented perspective of Suryaputra Karna, an important character in Mahabharata from History of India. Karna is true Mritunjay Reason: 01. 'Daughter of Drupada'), also referred as Panchali and Yajnaseni, is the tragic heroine, one of the central characters and the common wife of the Pandavas in the Hindu epic, Mahabharata.She is described to be the most beautiful woman of her time and was prophesied to bring a major change in the future. कर्ण इस बात के लिए दुर्योधन का धन्यवाद करता है और उससे पूछता है कि वो इस बात का ऋण चुकाने के लिए क्या कर सकता है, तब दुर्योधन उसे बोलता है कि वो जीवन भर उसकी दोस्ती चाहता है. Turn off Light. Mrityunjaya: The story of Karna is a masterpiece. लिखने की कला को इन्होने अपना प्रोफेशन बनाया और घर बैठे काम करना शुरू किया. आज जिसे भागलपुर और मुंगर कहा जाता हैं, महाभारत काल में वह अंग राज्य हुआ करता था. कर्ण जब बोलता है कि वो सूद्र पुत्र है तब सभी उसका मजाक उड़ाते है भीम उसे बहुत बेइज्जत करता है. इस प्रकार कर्ण के विभिन्न कारणों से विभिन्न नाम थे. Watch Mahabharat - Hindi Mythology TV Serial on Disney+ Hotstar now. Maharathi Karna is the moving, emotional story of Maharathi and Danveer Karna, one of the most respected character of the epic Mahabharat. This book is just about that. जब कर्ण अर्जुन का युद्ध हुआ था तब कृष्ण व इंद्र दोनों ने अर्जुन की मदद की थी. दुर्योधन अपने कजिन भाई पाडवों से बहुत द्वेष रखता था, वह नहीं चाहता था कि हस्तिनापुर की राजगद्दी उससे भी बड़े पांडव पुत्र युधिस्थर को मिले. September 10, 2020 कर्ण का पूरा जीवन त्याग, जलन में ही बीता, गलत रविया होने के कारण कर्ण अर्जुन के हाथों मारा गया. He is the spiritual son of the Vedic deity - Surya (" sun god ") and princess Kunti (queen … Summary Of The Book Through Radheya, the author strives to find and explore the thin line between righteousness and duty by citing Karna’s story. He was the right man on the wrong side. This is the story of a hero who altered the tide of destiny and is known to be the unsung hero of the Mahabharata.\"The story will open with Karn’s birth and will take us through his journey from being a special yet underplayed warrior to becoming the King of Anga and fighting the battle of Mahabharata subsequently. (Marathi) ... Mukti Pradaan Karna (Marathi) by Vasudev Prabhu. Hopefully, these intriguing stories would provide you more insights into the rules of Dharma at that time. वे हैं -: राक्षसों के, इस प्रकार अपने परम दानी स्वाभाव के कारण उन्हें, आपको महाभारत के दानवीर कर्ण से जुड़ी रोचक बातें जान के कैसा लगा. उनके अन्य नाम भी थे, जो अग्र – लिखित हैं -: जो हिन्दुओं के देवता भगवान सूर्य से सम्बंधित हो. महाभारत के कर्ण से जुड़ी रोचक बातें | Mahabharat Karna History in hindi, जिस समय कर्ण का जन्म हुआ, उस समय राजकुमारी कुंती अविवाहित थी और बिना विवाह के पुत्र होने के कारण वे राज्य में अपनी, अपने पिता की, अपने सम्पूर्ण परिवार और राज्य की प्रतिष्ठा और सम्मान के प्रति चिंतित हो गयी और भगवान सूर्य से इस प्रकार उत्पन्न हुए पुत्र को वापस लेने की प्रार्थना करने लगी. पांडव ये देखकर हैरान थे कि उनकी माँ दुश्मन के मरने पर इतना क्यों विलाप कर रही है. कृष्ण ने अर्जुन को महाभारत युध्य से हटकर भारतवर्ष का राजा बनने के लिए बोला था, क्यूंकि कर्ण युधिष्ठिर व दुर्योधन दोनों से बड़े थे. ऐसे ही अन्य रोचक सत्य जानने के लिए. Karna in Mahabharat (Marathi) by Girivardhari Das - YouTube साथ ही वे अपने कौमार्य [ Virginity ] के प्रति भी चिंतित थी. In Mahabhaata it was a rule that one fighter will fight with only one enemy fighter and the one on chariot will fight only with another on the chariot, one on horse will only fight with another on horse etc. इनका नाम सदैव दूसरों की मदद करने में, साहस में, अपनी दानवीरता में, निस्वार्थ भाव के लिए और अपने पराक्रम के लिए लिया जाता हैं. Required fields are marked *. Vibhuti कर्ण को शुरू से ही पता था कि दुर्योधन गलत राह पर चल रहा है, उसे ये भी पता था कि कौरव ये युद्ध हार जायेंगें, लेकिन दुर्योधन को दिए वचन के चलते कि “वो उसका कभी साथ नहीं छोड़ेगा” कर्ण अंत तक दुर्योधन के साथ रहे और उसकी सेना के सेनापति रहे. राजकुमारी कुंती बहुत ही शांत, सरल और विनम्र स्वभाव की थी. दुर्योधन कर्ण पर बहुत विश्वास करते थे, उन्हें उन पर खुद से भी ज्यादा भरोसा था. However Karna along with 6 other fighters including Drona, Ashvathama etc attacked Abhimanu all at once. Presenting Chan Chan Marathi Goshti (Stories) for Children "Mahabharat" animated Marathi cartoon movies for kids. Karna and Krishna; One day Karna was applying hair oil in his head. कुरुछेत्र का युध्य शुरू होने से पहले कृष्ण कर्ण को बताते है कि वो पांडव से भी बड़ा है, जिससे वो राज्य का सही उत्तराधिकारी है, युधिष्ठिर नहीं. दुर्योधन 100 कौरव में सबसे बड़ा था. The play describes the mental pain of Karna on the previous day of the Kurukshetra War. सम्पूर्ण महाभारत - Complete Mahabharata in Marathi (Set of 8 Weight of the Book: kg महाभारत कथासार: Story of Mahabharata (Marathi). महर्षि दुर्वासा बहुत ही क्रोधी प्रवृत्ति के ऋषि थे, कोई भी भूल होने पर वे दंड के रूप में श्राप दे देते थे, अतः उस समय उनसे सभी लोग भयभीत रहते थे. इन्ही कुण्डलो के कारण इस बालक का नाम कर्ण रखा गया. कर्ण ने अर्जुन के पुत्र अभिमन्यु को महाभारत के चक्रव्यू में फंसा कर मार डाला था, इस बात से कृष्ण व पांडव दोनों बहुत आक्रोशित हुए थे, कर्ण को खुद भी इस बात का बहुत दुःख था क्यूनी वे जानते थे कि अभिमन्यु उनके ही भाई का बेटा है. परन्तु वे अपने पुत्र प्रेम के कारण उसकी सुरक्षा हेतु चिंतित थी. Several years later, when Devavrat had grown up to be an accomplished prince, Shantanu fell in love with Satyavati. Shon (adoptive brother) Karna ( Sanskrit: कर्ण, IAST: Karṇa ), also known as Vasusena, Anga-raja, and Radheya, is one of the major characters of the Hindu epic Mahābhārata. Marathi Gaurav 169,907 views 26:46 Smt. कर्ण ही इकलौते ऐसे योध्दा थे, जिनमे परम वीर पांडू पुत्र अर्जुन को हराने का पराक्रम था. साथ ही वे अपने कौमार्य [ Virginity ] के प्रति भी चिंतित थी. आज से लगभग दो दशक पहले महाभारत लिखी गई थी, तब से अब तक जब भी उसकी बात होती है तो ज्यादातर लोग पांडव व कौरवों में से अर्जुन, दुर्योधन, दुर्शासन की बात करते है. Author Shivaji Sawantbdid a good deal of research. परन्तु वे इस पुत्र को वापस नहीं ले सकते थे क्योंकि वे महर्षि दुर्वासा द्वारा दिए गये वरदान से बंधे हुए थे और वरदान को पूरा करने हेतु विवश भी थे. अर्जुन को अपने भाड़े भाई को मारने का बहुत दुःख होता है, वे इसका पश्चाताप भी करते है. Mahabharat Karna history in hindi महाभारत में एक सबसे रोमांचित और सबको अपनी ओर मोहित करने वाला किरदार था जिसका नाम था कर्ण. इस प्रकार बालक कर्ण का जन्म हुआ. This is the story of a hero who altered the tide of destiny and is known to be the unsung hero of the Mahabharata. इस प्रकार कर्ण की माता कुंती और पिता भगवान सूर्य थे. These character were elevated people and were breed from gods/deities and Karna was one of top character after Krushna. कर्ण बहुत ही महान योध्दा थे, जिसकी वीरता का गुणगान स्वयं भगवान श्री कृष्ण और पितामह भीष्म ने कई बार किया. He was the son of the Sun God from Kunti who was abandoned and had later earned his status in the society all by himself. इस कारण उन्होंने भगवान सूर्य से अपने पुत्र की रक्षा करने की प्रार्थना की, तब भगवान सूर्य ने अपने पुत्र की सुरक्षा के लिए उसके शरीर पर अभेद्य कवच और कानों में कुंडल [ Earrings ] प्रदान किये, जो इस बालक के शरीर का ही हिस्सा थे. Your email address will not be published. हिन्दू धर्म ग्रंथों में अपने दानी स्वभाव के कारण 3 लोगों ने बहुत ख्याति प्राप्त की. परशुराम सिर्फ ब्राह्मण को शिक्षा देते थे, कही परशुराम मना ना कर दे ये सोच कर कर्ण ने उनको झूट बोल दिया कि वो ब्राह्मण है. Meeting - Shankar Patil Marathi Kathakathan | मराठी विनोदी कथाकथन | शंकर पाटील - Duration: 26:46. अर्जुन एक बार कृष्ण से पूछते है कि आप क्यूँ युधिस्थर को धर्मराज और कर्ण को दानवीर कहते हो, तब इस बात का जबाब देने के लिए कृष्ण अर्जुन के साथ ब्राह्मण रूप में दोनों के पास जाते है. The author appeals to Karna to tell his story and tell the world that he is a 'Rajvastra'(royal robe) and not a… दोनों के पास बहुत ज्ञान और शिक्षा थी, दोनों अपने आप को एक दुसरे से बेहतर समझते है. This app presents some of the most popular stories from the great Mahabharata in 5 different languages - Hindi, English, Kannada, Telugu and Marathi. Mahabharat Karna history in hindi महाभारत में एक सबसे रोमांचित और सबको अपनी ओर मोहित करने वाला किरदार था जिसका नाम था कर्ण. कृष्ण बताते है कि वो कुंती और सूर्य का पुत्र है. युध्य के दौरान कर्ण का रथ मिटटी में धंस जाता है जिसे निकलने वे अपना धनुष नीचे रख देते है. कर्ण को श्राप के चलते अपने पुरे जीवन काल में कष्ट उठाने पड़े और उन्हें वो हक वो सम्मान नहीं मिला, जिसके वो हकदार थे. कर्ण अपनी सच्चाई खुद भी नहीं जानता था, लेकिन परशुराम उससे बहुत नाराज हुए और गुस्से में आकर उन्होंने श्राप दे दिया कि जब भी उसे उनके द्वारा दिए गए ज्ञान की सबसे ज्यादा जरुरत होगी तभी वो सब भूल जायेगा. There is an another narrative related to this incident which says that while killing Shisupala, Krishna, held the lightning fast Sudarshana on his finger and sent it the king’s way. Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment. युद्ध के समय कर्ण परशुराम द्वारा दी गई महान विद्या को याद करते है लेकिन परशुराम के श्राप के चलते ही वो सब भूल जाते है. मुझे कर्ण पर पूरा विश्वास है वो कभी मेरे विश्वास को नहीं तोड़ेगा. Actually, Karna was the eldest son of Kunti (he was the spiritual son of Lord Surya). कर्ण दुर्योधन की मुलाकात द्रोणाचार्य द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में हुई थी. the pre-Independence phase and the post Independence phase. परन्तु वे इस पुत्र को वापस नहीं ले सकते थे क्योंकि वे महर्षि दुर्वासा द्वारा दिए गये वरदान से बंधे हुए थे और वरदान को पूरा करने हेतु विवश भी थे. ये ज्यादातर कुकिंग, मोटिवेशनल कहानी, करंट अफेयर्स, फेमस लोगों के बारे में लिखती है. ऐसे ही अन्य रोचक सत्य जानने के लिए महाभारत रामायण की कहानी  पर क्लिक करें. According to popular conception, Karna's character has not got the glory and recognition that it truly deserves. कर्ण एक क्षत्रीय होते हुए भी पुरे जीवन सूद्र के रूप में बिताया और युधिस्थर, दुर्योधन से बड़े होने के बावजूद कर्ण को उनके सामने झुकना पड़ा. एक दिन जब कर्ण की शिक्षा समाप्त होने वाली थी तब उसने अपने गुरु से आग्रह किया कि वो उसकी गोद में लेट कर आराम कर लें, तभी एक बिच्छु आकर कर्ण को पैर में काटने लगा, कर्ण हिला नहीं क्यूनी उसे लगा अगर वो हिलेगा तो उसके गुरु उठ जायेंगे. Radheya The Marathi book narrates the story of Karna, the tragic and respected hero from the great epic, The Mahabharata. कृष्ण के अनुसार पूरी महाभारत में सिर्फ कर्ण ही है, जिन्होंने अंत तक धर्म का साथ नहीं छोड़ा और धर्म के ही रास्ते पर चले. तब भगवान सूर्य ने उन्हें आश्वस्त किया कि इस प्रकार पुत्र के जन्म से उनके कौमार्य को कोई क्षति नहीं पहुँचेगी क्योंकि भगवान सूर्य इस पुत्र के जैविक पिता [ Biological Father ] नहीं हैं. कर्ण अपने घर से ब्राह्मण को खाली हाथ नहीं जाने देना चाहता था तब वो अपने धनुष ने चन्दन की लकड़ी का बना दरवाजा तोड़ कर उन्हें दे देता है. In continuation with our previous article on Mahabharata stories, we present to you some more of the same. इसके बाद भानुमती दुर्योधन से पूछती है कि आपने मुझपर शक क्यूँ नहीं किया, तब दुर्योधन बोलता है कि रिश्ते में शक की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए, अगर शक आ जाये तो रिश्ता ख़त्म होने लगता है. सूर्य पुत्र कर्ण एक महान योद्धा और ज्ञानी पुरुष थे. महाभारत काल में वे कर्ण नाम से प्रसिद्ध हुए, जिसका अर्थ हैं – अपनी स्वयं की देह अथवा कवच को भेदने वाला. Draupadi in Mahabharat, without doubt, is the most intriguing character that you notice, observe and learn from. जब राजकुमारी कुंती अपने पुत्र कर्ण की सुरक्षा के प्रति आश्वस्त हो गयी, तब उन्होंने बड़े ही दुःख के साथ इस प्रकार जन्मे अपने नवजात बालक को एक टोकरी में रखकर गंगा नदी में बहा दिया. अधिरथ और उनकी पत्नि ‘राधा’ ने बड़े ही स्नेह के साथ इस बालक को अपनाया और अपने पुत्र के रूप में इस बालक का पालन पोषण किया और इस प्रकार बालक कर्ण को माता – पिता प्राप्त हुए और जन्म लेते ही उन्होंने इस संघर्ष का सामना किया. आप अपने विचार हमसे जरूर शेयर करें. कृष्ण उन्हें पांडव का साथ देने को बोलते है, लेकिन दुर्योधन से सच्ची दोस्ती व वफ़ादारी के चलते कर्ण इस बात से इंकार कर देते है. तब भगवान सूर्य ने उन्हें आश्वस्त किया कि इस प्रकार पुत्र के जन्म से उनके कौमार्य को कोई क्षति नहीं पहुँचेगी क्योंकि भगवान सूर्य इस पुत्र के जैविक पिता [ Biological Father ] नहीं हैं. Comments. Talk about Mahabharat, and one cannot miss the stories and mysteries that revolve around the great warrior Ashwathama. इसी भविष्य की घटना को ध्यान में रखते हुए महर्षि दुर्वासा ने राजकुमारी कुंती को इस प्रकार मंत्रोच्चारण द्वारा पुत्र प्राप्ति का वरदान दिया ताकि वे कुरु कुल को उसका उत्तराधिकारी दे सके. Meanwhile, Duryodhan asks Dhritarashtra to organise another competition, as the earlier one had borne no result. इसी बीच अर्जुन उन पर वान चला देता है. Within a second, Shishupala was beheaded. कर्ण अंग देश के राजा थे, इस कारण उन्हें अंगराज के नाम से भी जाना जाता हैं.